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Dr.Laxmikant Tripathi - The Master Of Palmistry

Dr. Laxmikant Tripathi, for the last 3 decades has dedicated his life into the revival and bringing mass awareness to the dispersing Astrology practice of “Palmistry”. Son of an erudite Sanskrit scholar and Ayurvedacharya Dr Krishna Gopal Tripathi, Dr Laxmi Kant Tripathi has continued the tradition of ancient knowledge that runs in his family. Dr. Tripathi is widely sought by personalities in different walks of life - politicians, writers, actors, businessmen, industrialists, spiritual personalities, IT Professionals etc. He has numerous successful predictions and recognitions to his credit for these gifted abilities. He specializes in enhancing the person's willpower through palmistry-based guidance to attain success in life. He has made it a mission of his life to re-invent and re-establish one of the oldest Vedic heritage, ‘PALMISTRY’. Dr. Laxmikant Tripathi’s efforts to make an occult science like Palmistry easily comprehensible and utilitarian for the people through his lifelong study and research is commendable. It is the result of his years of hard work and utmost dedication that he is considered among one of the foremost scholars of Palmistry all across the country today. Renowned author Dr. Amrita Pritam was so impressed by Dr. Laxmikant Tripathi ji’s knowledge of Palmistry that she dedicated an entire chapter to him in her book “ Kaya Ke Daaman Me”. In order to generate mass awareness about this ancient science among people, Dr. Tripathi organizes Annual Palmistry Day. He has been successfully conducting this event free of cost in the National Capital Region since last 4 years.

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Testimonials

indu jain

इन्दु जैन

चेयरमैन

दि टाईम्स आफ इंडिया ग्रुप

डॉ. लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी ने अयुर्वेद, हस्तरेखा विज्ञान और आधयात्मिक विषयों का भी गहन अध्ययन किया है और अपने इस ज्ञान की मदद से वे अनगिनत लोगों की जीवन में सफलता की राह दिखा चुके हैं | इस तरह वे समाज की जिस रूप में सेवा कर रहे हैं वैसा बिरले लोग ही कर पाते हैं | मेरा अपना विश्वास है कि वह अपनी विद्द्या के बल पर लोगों को स्वास्थ्य, प्रसन्नता और सफलता के मार्ग पर ले जाने की अदभुत शक्ति रखते हैं | उनकी पुस्तक 'जीते रहो ' दरअसल मानव जीवन का एक ऐसा मानचित्र हैं जो किसी भी व्यक्ति के विकास के क्रम को निर्धारित करता हैं | यह पुस्तक एक व्यक्ति के जीवन को खुशहाल और सुखमय बनाने के साथ-साथ नए संस्कारित-सुविचारित समाज की रचना में अपना योगदान दे,ऐसी आशा है |

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अमृता प्रीतम

(प्रख्यात लेखिका)

मेरे एक मेहरबान दोस्त उस दिन पास बैठे हुए थे | डॉ. त्रिपाठी ने जब उनका हाथ देखा तो कहने लगे-इस समय आपकी पत्नी की सेहत कुछ अच्छी नहीं रहती होगी...जवाब में मेरे मित्र ने कहा-मेरी पत्नी बहुत अच्छी है | पर अब कुछ सालों से उनकी सेहत ठीक नहीं...फिर डॉ.त्रिपाठी ने कहा-एक करीबी भविष्य में होने वाली घटना की बात भी आपको बता दूँ कि जल्द ही आप के घर में चोरी होगी | मैं भी चुप रह गई, और वह मेरे मित्र भी हैरान से डॉ. त्रिपाठी कि ओर देखने लगे | बात यह थी कि अभी कुछ ही दिन हुए उनके घर से उनकी अलमारी में जितना भी सोना था वह चोरी हो गया था | लगा-अगर यह बात बताई जा सकती है तो सचमुच बहुत कुछ बताया जा सकता है... कुदरत का पता नहीं कौन-कौन से रहस्य किन-किन रास्तों में बिखरे पड़े हुए हैं... और यह हस्तरेखा का इल्म इस तरह है, जैसे कुदरत ने सब कुछ लिखकर आपके हाथ में पकड़ा दिया हो |

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उमा भारती

(केन्द्रीय मंत्री, जल संसाधन एवं गंगा पुनरुद्धवार मंत्रालय भारत सरकार)

डॉ. लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी हस्तरेखा विज्ञान के प्रकांड पंडित है इनके द्वारा की गयी सभी भविष्यवाणियां मेरे जीवन में साकार हुई है |

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ए.के.जैन

(डी.जी.पी., यू.पी.)

डॉ. लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी मुझे हमेशा उचित परामर्श देते रहते है | लेकिन मेरे लिए जॉब एक्सटेंशन की भविष्यवाणी उन्होंने की थी जो बिल्कुल अप्रत्याशित एवं असंभावित थी और फेयरवेल के दिन ३१ मार्च को मुझे ३ महीने का एक्सटेंशन मिलना मेरे लिए सुखद आश्चर्य का विषय रहेगा | मै उनके ज्ञान के प्रति हमेशा कृतज्ञ रहूँगा |

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प्रो.दिनेश सिंह

(उप कुलपति, दिल्ली विश्वविद्यालय)

डॉ. लक्ष्मीकान्त त्रिपाठी जी से मैं बहुत प्रभावित हूँ | पहली मुलाकात में ही एहसास हो गया था की वे ज्ञानी हैं, गंभीर हैं, स्थितप्रज्ञ हैं | मुझे इनसे बेहद लगाव हैं , क्योंकि जिन गुणों में मेरी आस्था है वे सब मै इनमें पाता हूँ |